ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 99.11वाल्मीकि रामायण 9.11ब्रह्मणो अर्थे क्Rतम् दिव्यम् दिवि यद् विश्व कर्मणा । विमानम् पुष्पकम् नाम सर्व रत्न विभूषितम् ॥५-९-११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय