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वाल्मीकि रामायण 64.10

प्रहृष्टो मां पितृव्यस्ते सुग्रीवो वानरेश्वरः ।
शीघ्रं प्रेषय सर्वांस्तानिति होवाच पार्थिवः ।। ५.६४.१० ।।।।

पूरा अध्याय