ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 66.7वाल्मीकि रामायण 6.7बहु रत्न समाकीर्णम् पर अर्ध्य आसन भाजनम् । महा रथ समावासम् महा रथ महा आसनम् ॥५-६-७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय