ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5757.1वाल्मीकि रामायण 57.1सचन्द्रकुमुदं रम्यं सार्ककारण्डवं शुभम् । तिष्यश्रवणकादम्बमभ्रशैवालशाद्वलम् ।। 5.57.1 ।।।।अगलापूरा अध्याय