ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5454.24वाल्मीकि रामायण 54.24तानि भग्नविमानानि निपेतुर्वसुधातले । भवनानीव सिद्धानामम्बरात् पुण्यसंक्षये ।। 5.54.24 ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय