ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5353.8वाल्मीकि रामायण 53.8लाङूलेन प्रदीप्तेन राक्षसांस्तानपातयत् । रोषामर्षपरीतात्मा बालसूर्यसमाननः ।। 5.53.8।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय