ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 5353.19वाल्मीकि रामायण 53.19अन्वीयमानो रक्षोभिर्ययौ सुखमरिन्दमः । हनुमांश्चारयामास राक्षसानां महापुरीम् ।। 5.53.19।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय