Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 51.4

राजा दशरथो नाम रथकुञ्जरवाजिमान् ।
पितेव बन्धुर्लोकस्य सुरेश्वरसमद्युतिः ।। ५.५१.४।।।।

पूरा अध्याय