ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 4848.9वाल्मीकि रामायण 48.9न हि तेष्वेव मे सारो यस्त्वय्यरिनिषूदन । । ५.४८.९।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय