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वाल्मीकि रामायण 48.60

राक्षसाधिपतिं चापि ददर्श कपिसत्तमः ।
तेजोबलसमायुक्तं तपन्तमिव भास्करम् ।। ५.४८.६०।।।।

पूरा अध्याय