ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 4848.22वाल्मीकि रामायण 48.22सुमहच्चापमादाय शितशल्यांश्च सायकान् । हनुमन्तमभिप्रेत्य जगाम रणपण्डितः ।। ५.४८.२२।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय