ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 4646.29वाल्मीकि रामायण 46.29तयोर्वेगवतोर्वेगं विनिहत्य महाबलः । निपपात पुनर्भूमौ सुपर्णसमविक्रमः ।। ५.४६.२९।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय