ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 4646.11वाल्मीकि रामायण 46.11नैवं तेषां गतिर्भीमा न तेजो न पराक्रमः । न मतिर्न बलोत्साहौ न रूपपरिकल्पनम् ।। ५.४६.११।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय