ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 4444.16वाल्मीकि रामायण 44.16अतिवेगो ऽतिवेगेन भ्रामयित्वा बलोत्कटः । परिघं पातयामास जम्बुमालेर्महोरसि ।। ५.४४.१६।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय