ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3838.60वाल्मीकि रामायण 38.60संहस्कन्धो महाबाहुर्मनस्वी प्रियदर्शनः । पितृवद्वर्तते रामे मातृवन्मां समाचरन् ।। ५.३८.६०।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय