ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3636.21वाल्मीकि रामायण 36.21सुखानामुचितो नित्यमसुखानामनूचितः । दुःखमुत्तरमासाद्य कच्चिद्रामो न सीदति ।। ५.३६.२१।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय