ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3434.6वाल्मीकि रामायण 34.6कल्याणी बत गाथेयं लौकिकी प्रतिभाति मा । एति जीवन्तमानन्दो नरं वर्षशतादपि ।। ५.३४.६।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय