ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3434.19वाल्मीकि रामायण 34.19चित्तं हरसि मे सौम्य नदीकूलं यथा रयः । । ५.३४.१९।।मि त्वां हरिश्रेष्ठ प्रिया रामकथा हि मे ।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय