ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 3030.21वाल्मीकि रामायण 30.21ततो जातपरित्रासा शब्दं कुर्यान्मनस्विनी । जानमाना विशालाक्षी रावणं कामरूपिणम् ।। ५.३०.२१।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय