Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 3.46

निर्जिताहम् त्वया वीर विक्रमेण महाबल ।
इदम् तु तथ्यम् शृणु वै ब्रुवन्त्य मे हरीश्वर ॥५-३-४६॥

पूरा अध्याय