Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 3.36

मामनिर्जत्य दुर्बद्धे राक्षसेश्वरपालिता ।
न शक्यमद्य ते द्रष्टुम् पुरीयम् वनराधम ॥५-३-३६॥

पूरा अध्याय