ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2626.47वाल्मीकि रामायण 26.47अथवा राक्षसेन्द्रेण रावणेन दुरात्मना । छद्मना सादितौ शूरौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ ।। ५.२६.४७।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय