ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2323.10वाल्मीकि रामायण 23.10सा निःश्वसन्ती दुःखार्ता शोकोपहतचेतना । आर्ता व्यसृजदश्रूणि मैथिली विललाप ह ।। ५.२३.१०।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय