ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2222.37वाल्मीकि रामायण 22.37निवेद्यतां ततो राज्ञे मानुषी सा मृतेति ह । नात्र कश्चन सन्देहः खादतेति स वक्ष्यति ।। ५.२२.३७।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय