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वाल्मीकि रामायण 22.31

स्त्रीसहस्राणि ते सप्त वशे स्थास्यन्ति सुन्दरि ।
रावणं भज भर्तारं भर्तारं सर्वरक्षसाम् ।। ५.२२.३१।।।।

पूरा अध्याय