ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 2020.39वाल्मीकि रामायण 20.39एवमुक्तस्तु राक्षस्या समुत्क्षिप्तस्ततो बली । ज्वलद्भास्करवर्णाभं प्रविवेश निवेशनम् ।। ५.२०.३९।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय