ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 22.1वाल्मीकि रामायण 2.1स सागरमनाधृष्यमतिक्रम्य महाबलः । त्रिकूटशिखरे लङ्कां स्थितां स्वस्थो ददर्श ह ॥५-२-१॥अगलापूरा अध्याय