Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 2.1

स सागरमनाधृष्यमतिक्रम्य महाबलः ।
त्रिकूटशिखरे लङ्कां स्थितां स्वस्थो ददर्श ह ॥५-२-१॥

पूरा अध्याय