ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1919.23वाल्मीकि रामायण 19.23राक्षसेन्द्रमहासर्पान्स रामगरुडो महान् । उद्धरिष्यति वेगेन वैनतेय इवोरगान् ।। ५.१९.२३।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय