ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1919.17वाल्मीकि रामायण 19.17साधु रावण रामेण मां समानय दुःखिताम् । वने वाशितया सार्धं करेण्वेव गजाधिपम् ।। ५.१९.१७।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय