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वाल्मीकि रामायण 16.21

सा इयम् कनक वर्ण अन्गी नित्यम् सुस्मित भाषिणी ।
सहते यातनाम् एताम् अनर्थानाम् अभागिनी ॥५-१६-२१॥

पूरा अध्याय