ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1616.14वाल्मीकि रामायण 16.14राज्यम् वा त्रिषु लोकेषु सीता वा जनक आत्मजा । त्रैलोक्य राज्यम् सकलम् सीताया न आप्नुयात् कलाम् ॥५-१६-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय