ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1414.51वाल्मीकि रामायण 14.51यदि जिवति सा देवी तारा अधिप निभ आनना । आगमिष्यति सा अवश्यम् इमाम् शिव जलाम् नदीम् ॥५-१४-५१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय