ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1414.41वाल्मीकि रामायण 14.41स पुष्पित अग्राम् रुचिराम् तरुण अन्कुर पल्लवाम् । ताम् आरुह्य महा वेगः शिम्शपाम् पर्ण सम्व्Rताम् ॥५-१४-४१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय