ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1111.7वाल्मीकि रामायण 11.7रूप सम्ल्लाप शीलेन युक्त गीत अर्थ भाषिणा । देश काल अभियुक्तेन युक्त वाक्य अभिधायिना ॥५-११-७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय