ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 1010.23वाल्मीकि रामायण 10.23चूत पुम्नाग सुरभिर् बकुल उत्तम सम्युतः । मृष्ट अन्न रस सम्युक्तः पान गन्ध पुरः सरः ॥५-१०-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय