ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 11.99वाल्मीकि रामायण 1.99अस्माकमतिथिश्चैव पूज्यश्च प्लवतां वरः । चामीकरमहानाभ देवगन्धर्व सेवित ॥५-१-९९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय