ग्रंथवाल्मीकि रामायणसुन्दरकाण्डसर्ग 11.55वाल्मीकि रामायण 1.55तस्य वेगसमाधूतैः पुष्पैस्तोयमदृश्यत ॥५-१-५५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय