Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 9.12

तम् प्रविष्टम् रिपुम् दृष्ट्वा बिलम् रोष वशम् गतः ।
माम् उवाच ततो वाली वचनम् क्षुभित इन्द्रियः ॥४-९-१२॥

पूरा अध्याय