ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 6464.12वाल्मीकि रामायण 64.12सा वानराणाम् ध्वजिनी परिवार्य अंगदम् बभौ । वासवम् परिवार्य इव मरुताम् वाहिनी स्थिता ॥४-६४-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय