ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 5454.19वाल्मीकि रामायण 54.19अति उग्र वेगा निशिता घोरा लक्ष्मण सायकाः । अपवृत्तम् जिघांसन्तो महावेगा दुरासदाः ॥४-५४-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय