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वाल्मीकि रामायण 53.18

नरेन्द्रेण अभिषिक्तो अस्मि रामेण अक्लिष्ट कर्मणा ।
स पूर्वम् बद्ध वैरो माम् राजा दृष्ट्वा व्यतिक्रमम् ॥४-५३-१८॥

पूरा अध्याय