Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 52.10

विवर्ण वदनाः सर्वे सर्वे ध्यान परायणाः ।
न अधिगच्छामहे पारम् मग्नाः चिन्ता महाअर्णवे ॥४-५२-१०॥

पूरा अध्याय