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वाल्मीकि रामायण 48.21

रावणो अयम् इति ज्ञात्वा तलेन अभिजघान ह ।
स वालि पुत्र अभिहतो वक्त्रात् शोणितम् उद्वमन् ॥४-४८-२१॥

पूरा अध्याय