ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 4646.13वाल्मीकि रामायण 46.13आदर्श तल संकाशा ततो वै पृथिवी मया । अलात चक्र प्रतिमा दृष्टा गोष्पदवत् तदा - कृता ॥४-४६-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय