Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 42.36

तम् अतिक्रम्य शैलेन्द्रम् महेन्द्र परिपालितम् ।
षष्टिम् गिरि सहस्राणि कांचनानि गमिष्यथ ॥४-४२-३६॥

पूरा अध्याय