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वाल्मीकि रामायण 42.25

तत्र वैदूर्य वर्णाभो वज्र संस्थान संस्थितः ।
नाना द्रुम लता आकीर्णो वज्रः नाम महागिरिः ॥४-४२-२५॥

पूरा अध्याय