ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 4141.6वाल्मीकि रामायण 41.6तेषाम् अग्रेसरम् चैव बृहद् बलम् अथ अंगदम् । विधाय हरि वीराणाम् आदिशद् दक्षिणाम् दिशम् ॥४-४१-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय