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वाल्मीकि रामायण 41.18

कान्ता इव युवती कान्तम् समुद्रम् अवगाहते ।
ततो हेममयम् दिव्यम् मुक्ता मणि विभूषितम् ॥४-४१-१८॥

पूरा अध्याय