Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 40.48

जलोदम् सागरम् शीघ्रम् सर्व भूत भयावहम् ।
तत्र तत् कोपजम् तेजः कृतम् हयमुखम् महत् ॥४-४०-४८॥

पूरा अध्याय