ग्रंथवाल्मीकि रामायणकिष्किन्धाकाण्डसर्ग 4040.41वाल्मीकि रामायण 40.41तत्र शैल निभा भीमा मन्देहा नाम राक्षसाः । शैल शृंगेषु लंबन्ते नाना रूपा भयावहाः ॥४-४०-४१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय